सीतापुर, भारत – उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक 14 वर्षीय किशोरी की कथित गलत इलाज से हुई मौत के मामले में की गई है, जिसे एक अवैध क्लिनिक में उपचार दिया गया था। यह घटना 15 अगस्त, 2026 को हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद समीर पुत्र मोहम्मद सलीम के रूप में हुई है, जो धोंधी पारा, तालगाँव, सीतापुर का निवासी है और वर्तमान में मानपुर के बिसेण्डा में 'समीर मेडिकल स्टोर' चलाता है। अधिकारियों ने बताया कि समीर बिना किसी वैध चिकित्सा योग्यता के एक अवैध क्लिनिक चला रहा था।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, 15 अगस्त, 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे, मानपुर के बिसेण्डा निवासी राम किशोर की 14 वर्षीय पुत्री अल्की को तेज बुखार और ठंड लगने पर उसकी माता ममता उसे समीर मेडिकल स्टोर ले गई थीं। मोहम्मद समीर ने कथित तौर पर किशोरी को इंजेक्शन और ड्रिप (ग्लूकोज) लगाई। इलाज के बाद अल्की की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। समीर ने कथित तौर पर जिम्मेदारी से बचने के लिए परिवार को बच्ची को घर ले जाने को कहा।
लगभग 4:30 बजे तक, किशोरी की हालत और गंभीर हो गई, जिसके बाद परिवार उसे तुरंत सीएचसी बिसवां ले गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस घटना के संबंध में संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है, जिसमें मु0अ0सं0 154/2026, धारा 105, 352, 351(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), 3(2)V एससी/एसटी एक्ट और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019 की धारा 34(2) शामिल हैं।
सीतापुर के पुलिस अधीक्षक, अंकुर अग्रवाल ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आलोक सिंह और क्षेत्राधिकारी बिसवां, हर्षित चौहान, इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। मानपुर पुलिस टीम, जिसका नेतृत्व थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, उप-निरीक्षक त्रिभुवन सिंह, हेड कांस्टेबल शिवशंकर और हेड कांस्टेबल यदुवीर सिंह ने किया, ने गिरफ्तारी की।
अधिकारियों ने कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसमें शामिल हैं:
- अवैध संपत्तियों की जांच: अभियुक्त द्वारा अवैध चिकित्सीय अभ्यास के माध्यम से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की गहन वित्तीय जांच की जाएगी, और कानून के अनुसार संभावित जब्ती या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
- पिछले मामलों की समीक्षा: अभियुक्त द्वारा कथित गलत इलाज और अन्य मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ से संबंधित पिछली शिकायतों के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जिससे पूरक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
- झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा: पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सीतापुर जिले में अवैध रूप से संचालित सभी झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी क्लिनिकों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने कहा कि जनस्वास्थ्य और मासूम जिंदगियों को खतरे में डालने वाले किसी भी अवैध संचालक को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक कानूनी कार्यवाही के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।


